मुंबई: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग शेयरों में बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव से बाजार पर असर देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 540 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 24,200 के करीब पहुंच गया।
सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में खुले
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 541.02 अंक यानी 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,610.43 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 128.50 अंक यानी 0.53 प्रतिशत फिसलकर 24,205.80 पर कारोबार करता दिखा।
इन शेयरों में रही बढ़त
गिरते बाजार के बीच भी कुछ प्रमुख शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर करीब 1.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और भारती एयरटेल के शेयरों में भी मजबूती दर्ज की गई।
बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
बाजार की गिरावट में बैंकिंग शेयरों की अहम भूमिका रही। एक्सिस बैंक के शेयर में 4.31 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक में 4.15 प्रतिशत, कोटक महिंद्रा बैंक में 2.46 प्रतिशत और इंटरग्लोब एविएशन के शेयर में 1.58 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
क्यों टूटा शेयर बाजार?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक और घरेलू दोनों कारकों का असर पड़ा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है। यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो भारत के ऊर्जा आयात पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जिससे रुपये और विदेशी निवेश प्रवाह पर भी असर पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे देशों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े शेयरों की तेजी कमजोर पड़ रही है। ऐसे में भारत जैसे उभरते बाजार विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन सकते हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिश्रित कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 4.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.38 प्रतिशत नीचे रहा। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 सूचकांक 0.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी बनी रही। डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.96 प्रतिशत बढ़कर 84.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 2.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 90.23 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। बढ़ती तेल कीमतों को भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
